भानगढ़ फोर्ट: भूतों का गढ़ बोले जाने वाले इस फोर्ट का क्या है इतिहास, जानें

भानगढ़ फोर्ट: भूतों का गढ़ बोले जाने वाले इस फोर्ट का क्या है इतिहास, जानें:- नमस्कार मित्रों आज हम बात करेंगे भूतों का गढ़ बोले जाने वाले इस फोर्ट का क्या है इतिहास, जानें के बारे में राजस्थान के अलवर जिले की अरावली पर्वतमाला के एक गांव में स्थित भानगढ़ किला एक नहीं बल्कि कई दिलचस्प कहानियों के लिए फेमस है। इस फोर्ट को राजस्थान के साथ-साथ भारत के सबसे डरावनी जगहों में भी शामिल किया जाता है। पहाड़ों से घिरा यह फोर्ट भूतों जा गढ़ माना जाता है। लेकिन ऐसे बहुत कम लोग ही है जो इस फोर्ट के इतिहास के बारे में जानते हैं। अगर आप भी भूतों का गढ़ बोले जाने वाले भानगढ़ फोर्ट का इतिहास जानना चाहते हैं, तो फिर आपको इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए। तो आइए हम जानते हैं इस आर्टिकल में विस्तार से.

भानगढ़ फोर्ट का इतिहास

  • इस फोर्ट का इतिहास काफी प्राचीन है। लगभग 17 वीं शताब्दी में बना हुआ यह किला प्राचीन और मध्य कालीन काला का एक नमूना माना जाता है
  • इस भुतहा फोर्ट को लेकर यह बोला जाता है कि आमेर के राजा ने अपने छोटे भाई के लिए बनवाया था
  • भानगढ़ का किला चारों ओर से पहाड़ों से घिरा है इसलिए इसकी चर्च बहुत होती है
  • कि सूर्य उदय होने से पहले और सूर्य अस्त के बाद किसी को इस किले में रुकने की इजाजत किसी को नहीं है

भानगढ़ फोर्ट की कहानी

  • इस किले की कहानी बेहद ही दिलचस्प है
  • यहां किला बनवाने से पहले यहां रहने वाले एक साधू से अनुमति मांगी
  • साधू ने एक राजा के सामने एक शर्त रखा कि जब आप फोर्ट का निर्माण करें तो किले की छाया मेरे घर पर नहीं पड़ना चाहिए
  • लेकिन ऐसा नहीं हुआ और किले की छाया साधू के घर पर पहुंच गई
  • इस बात से साधू नज़ारा हो गया है और उसने श्राप दिया जिसके बाद भानगढ़ किला पूरी तरह से बर्बाद हो गया और भूतिया किला बन गया।

भानगढ़ से जुड़ी भूतिया कहानी

  • भानगढ़ किला भारत की सबसे डरावनी जगह है
  • कई लोगों का मानना है कि यहां दिन के उजाले में भी अकेले जाने की हिम्मत नहीं करता है इस फोर्ट के बारे में कहा जाता है
  • कि कुछ लोग शाम के समय यहां घूमने के लिए गए थे
  • लेकिन वापस लौटकर नहीं आए
  • वहीं कुछ लोगों मानना है कि इस फोर्ट से औरत के चिल्लाने, चूड़ियां तोड़ने और रोने की आवाजें सुनी हैं।
  • कुछ लोगों माना है कि ऐसा लगता है जैसे को साया पीछा कर रहा हो।

कैसे पहुंचें

  • भानगढ़ किला दिल्ली से लगभग 283 किलोमीटर दूर है
  • ऐसे में अगर अपनी कार से भी घूमने के लिए जा सकते हैं
  • देश के किसी भी हिस्से से आप अलवर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आप भानगढ़ फोर्ट घूमने के लिए जा सकते हैं
  • अलवर रेलवे स्टेशन से टैक्सी या कैब लेकर आप आसानी से जा सकते हैं

Conclusion:- मित्रों आज के इस आर्टिकल में भानगढ़ फोर्ट: भूतों का गढ़ बोले जाने वाले इस फोर्ट का क्या है इतिहास के बारे में कभी विस्तार से बताया है। तो हमें ऐसा लग रहा है की हमारे द्वारा दी गये जानकारी आप को अच्छी लगी होगी तो इस आर्टिकल के बारे में आपकी कोई भी राय है, तो आप हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। ऐसे ही इंटरेस्टिंग पोस्ट पढ़ने के लिए बने रहे हमारी साइबारिश के मौसम में हर घुमक्कड़ को इन रोड ट्रिप का लुत्फ़ उठाना चाहिएट TripFunda.in के साथ (धन्यवाद)

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