Navratri 2022: इस प्राचीन मंदिर में फूल की जगह चढ़ाई जाती है ढाई प्याला शराब, जानें क्यों

जय हिन्द साथियों आज हम बात करेंगे इस प्राचीन मंदिर में फूल की जगह चढ़ाई जाती है ढाई प्याला शराब, जानें क्यों के बारे में इस आर्टिकल की पूर्ण जानकारी नीचे पॉइंट में बताई गई है तो आप इस आर्टिकल की संपूर्ण जानकारी पढ़े:- भारत की संस्कृति और अध्यात्म की चर्चा सिर्फ एक राज्य या शहर में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में है। कन्याकुमारी से लेकर जम्मू कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात तक ऐसे कई प्राचीन और पवित्र मंदिर हैं जिनके बारे में हर रोज कुछ अलग सुनने को मिलता है।

मां भंवाल काली माता का मंदिर

  • हम जिस मंदिर के बारे में जिक्र कर रहे हैं उस प्राचीन मंदिर का नाम ‘मां भंवाल काली माता का मंदिर’।
  • यह प्राचीन और पवित्र मंदिर राजस्थान के नागौर जिले स्थित है।
  • स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर बेहद ही पवित्र और लोकप्रिय है।
  • नवरात्रि के दिनों में यहां हमेशा भक्तों की भीड़ मौजूद रहती हैं।
  • नवरात्रि में यहां अन्य शहर से मां भंवाली का दर्शन करने पहुंचते हैं।

मां भंवाल मंदिर की पौराणिक कथा

  • मां भंवाल काली माता का मंदिर की पौराणिक कथा भी बेहद दिलचस्प है।
  • कई लोगों का मानना है कि यहां प्राचीन काल में एक पेड़ के नीचे से देवी स्वयं प्रकट हुई थी जिसके बाद डाकुओं ने निर्माण करवाया था।

मां भंवाल काली माता का मंदिर का इतिहास

  • मां भंवाल काली माता का मंदिर का इतिहास बेहद ही दिलचस्प है।
  • इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण किसी भगवान या राजा ने नहीं बल्कि डाकुओं के करवाया था।
  • स्थानीय लोगों और मंदिर के शिलालेख के यह पता चलता है कि इस मंदिर का निर्माण लगभग सन 1380 के आसपास किया गया था।
  • मंदिर में देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमा के साथ बेहतरीन कारीगरी की गई है।
  • क्यों चढ़ाई जाती है ढाई प्याला शराब

मंदिर के नीचे और ऊपर डाकुओं के लिए एक गुप्त रूम भी बनवाया गया था

  • इस मंदिर में शराब चढ़ाने के प्रथा आज से नहीं बल्कि प्राचीन काल से है।
  • मंदिर में शराब किसी नशे या अपमान के रूप में नहीं बल्कि प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है। लोगों को मानना है कि ढाई प्याला शराब मां काली ग्रहण करती है।
  • मान्यता है कि चांदी के प्याले में शराब भाकर देवी को प्रसाद करने का आग्रह करते हैं।
  • शराब चढ़ाते ही गायब हो जाती है। यह प्रथा दिन में लगभग 3 बार किया जाता है।
  • जो भी भक्त इस मंदिर में 3 बार ढाई प्याला शराब चढ़ाता है तो उसकी सभी मनिकमाना पूरी हो जाती है।

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Conclusion:- मित्रों आज के इस आर्टिकल में इस प्राचीन मंदिर में फूल की जगह चढ़ाई जाती है ढाई प्याला शराब, जानें क्यों के बारे में कभी विस्तार से बताया है। तो हमें ऐसा लग रहा है की हमारे द्वारा दी गये जानकारी आप को अच्छी लगी होगी तो इस आर्टिकल के बारे में आपकी कोई भी राय है, तो आप हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।

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