राजधानी में मौजूद 'मजनू का टीला' क्यों है इतना फेमस, आप भी जानें

यह भी बताया जाता है कि गुरु नानक सिकंदर लोदी के काल में आए थे जहां वह एक सूफी फकीर से मिले जो ईरान का रहने वाला था। सूफी होने की वजह से लोग उसे मजनू कहकर बुलाने लगे थे। वो फकीर यमुना के पास में मौजूद एक टीले पर रहा करता था। इसलिए इस जगह को 'मजनू का टीला' कहा जाने लगा।

राजधानी में मौजूद 'मजनू का टीला' क्यों है इतना फेमस, आप भी जानें

मजनू का टीला गुरुद्वारे की क्या है कहानी, स्वयं गुरु नानक देव ने दिया

बड़ा ही रोचक है दिल्ली के ‘मजनू का टीला’ का इतिहास, जानिए कैसे पड़ा ये नाम

लैला-मजनू से नहीं कोई कनेक्शन- ऐसे पड़ा दिल्ली के मजनू का टीला का नाम

क्यों परांठे वाली गली दिल्ली में इतनी प्रसिद्ध है

राजधानी में मौजूद 'मजनू का टीला' क्यों है इतना फेमस, आप भी जानें

राजधानी में मौजूद 'मजनू का टीला' क्यों है इतना फेमस, आप भी जानें

राजधानी में मौजूद 'मजनू का टीला' क्यों है इतना फेमस, आप भी जानें